सुनो बिहारी
सुनो बिहारी धीरज धर के लोगों की हर बात, बातों से जब बात बनेगी तब होगी शुरुआत!
मंगलवार, 13 अप्रैल 2021
वही हमारे समय का इतिहास है।
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किसी के कहने से पहले और किसी के चुप हो जाने के बाद से आहिस्ते आहिस्ते अपना पाला बदलने में सुविधाओं ने इतने फिसलन बना दिए हैं कि सुर...
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021
वाह वाह
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आपका स्तर क्या है इससे पहले कि कविता का स्तर देखा जाए कविता के शील,गुण, कौमार्य का परीक्षण हो इससे पहले आप बता दें जनाब 'आर यू वर्जिन??...
रविवार, 20 दिसंबर 2020
मौत तो कविता की भी होती है
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तमीजदार भाषा सेवक की भाषा आपकी जगह लेट जाती है तानाशाहों के बिस्तर पर फिर पैदा होती है एक कवि की कविता एक लेखन की रचना महाकाव्य इतिहास जीवनग...
मंगलवार, 15 दिसंबर 2020
समय ठहरा रहेगा तब तक
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पूरी गर्मजोशी के साथ मैं उस क्षण भी करूँगा तुम्हारा स्वागत जब शरीर मुर्झा चुका होगा। आँखों ने बोलना और मस्तिष्क ने समझाना बंद कर दिया होगा। ...
रविवार, 29 नवंबर 2020
मेरी कविता फुटपाथ पर मिलेगी
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मेरी कविता फुटपाथ पर मिलेगी किसी दुकान में नहीं तुम फुटपाथ पे रहते हो आओ पढ़ लो इसे अपनी चहलकदमी में अनगिनत लक्ष्यों को छोड़ती पकडती मिल जाने ...
शनिवार, 21 नवंबर 2020
हमारी धरती से बेहतर कुछ भी नहीं।
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मैं मर जाऊं तो मुझे या मेरी आत्मा को धरती पे ही छोड़ देना। तनिक भी चाह नहीं है कि जन्नत या दोजख हेवेन या हेल स्वर्ग या नरक क्षण भर के लिए भी ...
शुक्रवार, 31 जुलाई 2020
पगडंडी
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वे तो बस नियमित चला करते रहे उन्हें पता भी नहीं था कि उनके चलने से भी निशान बनते हैं छोटी सी पगडंडी है इसे कुछ एक से जाने पहचाने लोगों ने...
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